भारत-अमेरिका संबंध : क्रिटिकल मिनरल्स और मजबूत सप्लाई चेन पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति

नई दिल्ली (एजेंसी)। नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने अपने आर्थिक संबंधों को नया विस्तार दिया है। भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
क्रिटिकल मिनरल्स पर साझेदारी: दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण और उन्नत तकनीक के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
G7 प्लस और वैश्विक भूमिका: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने G7 के नेतृत्व वाले महत्वपूर्ण खनिज संवादों में भारत की भागीदारी और G7 प्लस ढांचे में उसकी उभरती भूमिका की सराहना की।
नई दिल्ली बैठक का निमंत्रण: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री को इस वर्ष के अंत में ‘भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक’ के लिए नई दिल्ली आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है।
क्यों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है यह कदम?
वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन के केंद्रित होने से होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए दोनों देश स्रोतों में विविधता लाना चाहते हैं।
भारत के लिए: यह सहयोग भारत को प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर अनुसंधान, तकनीक साझा करने और महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करने का अवसर देता है।
अमेरिका के लिए: एक बड़ी अर्थव्यवस्था और तेजी से उभरते बाजार के रूप में भारत की भागीदारी अमेरिका के लिए इन रणनीतिक संसाधनों से जुड़े वैश्विक प्रयासों को मजबूती प्रदान करती है।
आगामी नई दिल्ली वार्ता में दोनों देश अपनी वित्तीय साझेदारी की समीक्षा करेंगे और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी भविष्य की रणनीतियों को अंतिम रूप देंगे।
















