छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण को नई उड़ान : मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया “ई-श्रम साथी” ऐप

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के श्रमिक वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान “ई-श्रम साथी” मोबाइल एप्लिकेशन (छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक) का शुभारंभ किया। इस ऐप के जरिए अब श्रमिक घर बैठे ही रोजगार के अवसरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा लाभ
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैदानी अमले को पूरी निष्ठा के साथ काम करना होगा ताकि श्रमिकों के जीवन में वास्तविक सकारात्मक बदलाव आ सके। इस दौरान श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन भी उपस्थित रहे।
प्रमुख घोषणाएं और निर्देश:
नई श्रम संहिताओं का क्रियान्वयन: केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में चार नई श्रम संहिताओं (मजदूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, और व्यावसायिक सुरक्षा) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया ताकि श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।
तकनीक से निरीक्षण: औद्योगिक इकाइयों की जांच के लिए अब आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे औचक निरीक्षण पारदर्शी हो सके और श्रमिकों के अधिकारों का हनन न हो।
ई-केवाईसी पर जोर: लाभार्थियों की सही पहचान के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 55% सत्यापन पूरा हो चुका है।
आंकड़ों में श्रमिक कल्याण
छत्तीसगढ़ में श्रमिक उत्थान के लिए चल रहे प्रयासों की झलक इन आंकड़ों से मिलती है:
पंजीकरण: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में अब तक 33.14 लाख से अधिक श्रमिक जुड़ चुके हैं।
बजट और व्यय: वर्ष 2025-26 में सेस के माध्यम से 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। अब तक विभिन्न योजनाओं में कुल 2,558 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
शिक्षा पर फोकस: ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत मेरिट के आधार पर चयनित होने वाले बच्चों की सीटें 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई हैं।
संचालित प्रमुख योजनाएं
राज्य सरकार श्रमिकों के परिवार और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें मुख्य हैं:
मिनीमाता महतारी जतन योजना (मातृत्व सहायता)
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना
नौनिहाल छात्रवृत्ति और मेधावी शिक्षा सहायता
निःशुल्क कोचिंग और दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना
शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में श्रमिक तुरंत मदद प्राप्त कर सकें। इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील और श्रम विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
















