मुंबई के मोबाइल मैकेनिक को मिला ₹31 करोड़ से ज्यादा का टैक्स नोटिस, जानें पूरा मामला

मुंबई (एजेंसी)। मुंबई के कॉटन ग्रीन इलाके में एक छोटी सी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले मैकेनिक महेंद्र म्हापांकर उस समय हैरान रह गए, जब उनके नाम पर 31.80 करोड़ रुपये का जीएसटी और इनकम टैक्स बकाया होने का नोटिस आया। इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) से संपर्क कर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैकेनिक ने कोरोना महामारी (COVID-19) के दौरान बीएमसी (BMC) में क्लीन-अप मार्शल के रूप में काम किया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात संजय तांबे नाम के व्यक्ति से हुई, जो तब उसी काम से जुड़ा था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तांबे ने बिजनेस शुरू करने का झांसा देकर म्हापांकर से जरूरी दस्तावेज ले लिए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक खाते खोलने और उनके नाम पर ‘गैलेक्सी ट्रेडर्स’ नाम की एक फर्जी फर्म बनाने के लिए किया गया। म्हापांकर को इस बारे में तब पता चला जब उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की नजर ईमेल पर आए भारी-भरकम टैक्स नोटिसों पर पड़ी।
धमकी और पुलिस कार्रवाई
म्हापांकर का आरोप है कि तांबे, सुभान कुरैशी और उनके अन्य साथियों ने उनकी जानकारी के बिना ही इस फर्जी फर्म के जरिए करोड़ों रुपये के वित्तीय लेनदेन किए। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो कुरैशी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कालाचौकी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं (406, 420, 120B और 506(2)) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। फिलहाल आगे की गहन जांच EOW को सौंप दी गई है, ताकि इस वित्तीय घोटाले से जुड़े अन्य चेहरों और साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
















