अवैध होर्डिंग्स पर नगर निगम की सख्ती, जोन आयुक्तों को मिले सीधे अधिकार

रायपुर। शहर की विज्ञापन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए रायपुर नगर निगम ने अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उपायुक्त राजस्व सह अधीक्षक विज्ञापन तथा सभी जोन आयुक्तों को विज्ञापन (पंजीयन एवं विनियमन) उपविधियां, 2012 के अंतर्गत नए अधिकार और जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
आयुक्त के आदेश के तत्काल क्रियान्वयन के लिए नगर निगम मुख्यालय में उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के सभी 10 जोनों के जोन आयुक्तों और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में डॉ. अंजलि शर्मा ने सभी जोन आयुक्तों को निर्देश दिए कि शहर में कहीं भी लगाए गए अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध होर्डिंग्स को जब्त करने के साथ ही संबंधित विज्ञापनकर्ताओं पर निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना भी लगाया जाएगा।
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जनसुरक्षा और तकनीकी मानकों पर विशेष जोर दिया गया। सभी होर्डिंग्स की संरचनात्मक स्थिरता की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही 50 फीट से अधिक आकार वाले होर्डिंग्स अथवा संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए विज्ञापनों के लिए प्रमाणित संरचनात्मक अभियंता का सुरक्षा प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करने को कहा गया है।
नगर निगम ने विज्ञापन मुक्त घोषित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए हैं। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का होर्डिंग लगाने के प्रयास पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली को लेकर भी सभी जोन आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में विज्ञापन से संबंधित रॉयल्टी, किराया, शुल्क और जुर्माने की लंबित राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वैध विज्ञापनकर्ताओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड और रोस्टर तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि अनाधिकृत विज्ञापनों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश के बाद उपायुक्त राजस्व और सभी जोन आयुक्तों को सीधे तौर पर शक्तियां प्रत्यायोजित कर दी गई हैं। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की सुंदरता को प्रभावित करने वाले तथा जनसुरक्षा से समझौता करने वाले अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन शाखा से जुड़े सभी कार्यों और अभिलेखों का संधारण भी पूरी पारदर्शिता के साथ राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
















