छत्तीसगढ़

बलरामपुर में विकास की नई रफ्तार : मंत्री रामविचार नेताम ने दी ₹8.17 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात

रायपुर/बलरामपुर। जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ी पहल की है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 8 करोड़ 17 लाख 67 हजार रुपये की लागत से बनने वाली चार महत्वपूर्ण सड़कों का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बनने वाले इन मार्गों से दूरस्थ आदिवासी इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

इन प्रमुख सड़कों का हुआ शिलान्यास

काफी समय से तकनीकी कारणों से अटकी इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार के सहयोग से मंजूरी दिलाई गई है:

मकरो मार्ग: PWD रोड से मकरो तक (1.29 किमी) – लागत ₹111.68 लाख

कर्री चलगली मार्ग: परसुवार PWD रोड से कर्री चलगली तक (3.10 किमी) – लागत ₹272.84 लाख

कोड़ाखूपारा मार्ग: PWD रोड से कोड़ाखूपारा तक (1.90 किमी) – लागत ₹203.55 लाख

चेमी-चमनपुर मार्ग: PWD रोड से चेमी-चमनपुर तक (1.40 किमी) – लागत ₹229.60 लाख

डेयरी और स्वरोजगार से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरकार केवल बुनियादी ढांचे का विकास ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। बलरामपुर जिले को ‘राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड’ (NDDB) की योजना से जोड़ा गया है। शुरुआती चरण में रामचंद्रपुर और बलरामपुर ब्लॉकों में दूध संग्रहण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने महिलाओं और युवाओं से आत्मनिर्भर बनने के लिए डेयरी, बकरी पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन और सुअर पालन जैसे आजीविका व्यवसायों को अपनाने की अपील की। इसके अलावा, क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही कॉलेज भवन का निर्माण शुरू होने की बात भी कही।

फसल विविधीकरण और नैनो यूरिया अपनाने की सलाह

बदलते मौसम और पर्यावरण को देखते हुए कृषि मंत्री ने किसानों से केवल धान पर निर्भर न रहने का आग्रह किया। उन्होंने कम पानी में तैयार होने वाली फसलों जैसे मक्का, अरहर, उड़द और तिल की खेती (फसल विविधीकरण) पर जोर दिया। इसके साथ ही, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने और खेती की लागत कम करने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक और नैनो यूरिया का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

उपस्थिति: इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री सच्चिदानंद कांत और जनपद सीईओ श्री दीपराज कांत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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