संस्कृति पर गर्व और विरासत से विकास ही हमारी प्रगति का मूल आधार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। नारी शक्ति का वंदन: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या और मातृशक्ति (देवी) दोनों की पूजा की परंपरा है। नारी ही साक्षात नारायणी और शक्ति स्वरूपा हैं।
विरासत से विकास: अपनी जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजकर आगे बढ़ने वाले समाज ही सफलता और विकास के नए शिखर छूते हैं।
सामूहिक उत्सवों को बढ़ावा: राज्य सरकार मकर संक्रांति, जन्माष्टमी और भोपाल उत्सव जैसे सभी पर्वों को सामूहिक उल्लास और भव्यता के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्ष 2047 का संकल्प: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा भारत वर्ष 2047 तक अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाते हुए हर क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर बनेगा।
भोपाल के जम्बूरी मैदान में हुआ भव्य आयोजन
भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित ‘भोजपाल गरबा महोत्सव’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलित करके किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की आत्मीय शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। इतिहास इस बात का गवाह है कि जिन समाजों ने अपनी विरासतों को सहेजा है, उन्होंने ही विकास के नए मानदंड स्थापित किए हैं। “विरासत से विकास” राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है।
नवरात्रि का संदेश और सामाजिक सद्भाव
माता दुर्गा की आराधना को ऊर्जा और शांति का स्रोत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा शक्ति की उपासना की आंतरिक खुशी को व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि इस नवरात्रि वे समाज में आपसी सद्भाव बढ़ाने, महिलाओं का पूर्ण सम्मान करने और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाने का संकल्प लें।
इस मौके पर भोजपाल महोत्सव मेला समिति के संयोजक विकास वीरानी, अध्यक्ष सुनील यादव और अमन यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समिति द्वारा पिछले तीन वर्षों से इस भव्य गरबा महोत्सव का लगातार आयोजन किया जा रहा है।
















