रायपुर में धूमधाम से मना रक्षाबंधन, सीएम साय बोले – ‘मातृशक्ति के सशक्तिकरण से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़’

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास और आत्मीय माहौल में आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आई माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षासूत्र बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बेहद कीमती है और यही उन्हें राज्य की जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पित होने की शक्ति प्रदान करता है।
अटल विश्वास और सम्मान का प्रतीक
मुख्यमंत्री साय ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट विश्वास का पावन पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल रस्म निभाने का नहीं, बल्कि बहनों की सुरक्षा, सम्मान और उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने के संकल्प का प्रतीक है। सीएम हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि, महिला पत्रकार, मितानिन और विभिन्न स्व-सहायता समूहों (SHG) की दीदियां उपस्थित रहीं।
सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति व्यक्त किया आभार
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर में राज्य की बहनों ने CRPF, BSF, CISF और ITBP के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी। त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सरहदों की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान प्रकट करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने महिला पत्रकारों के साहस और जमीनी योगदान की भी खुलकर सराहना की।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसालें
प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बहनें अब केवल योजनाओं का लाभ नहीं ले रहीं, बल्कि विकास की नई गाथा लिख रही हैं:
लखपति दीदी: छत्तीसगढ़ ने निर्धारित 8 लाख के लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए अब तक 13.85 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित किया है।
महतारी वंदन योजना: 68 लाख महिलाओं को संबल देने के लिए योजना की 31वीं किस्त के तौर पर 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि त्योहार से पहले ही (25 अगस्त) जारी कर दी गई।
तकनीक और स्वरोजगार: ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में महिलाएं आधुनिक कृषि से जुड़कर रोजाना 6 से 7 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। इसके अलावा, पीएम आवास निर्माण की सेटरिंग प्लेट्स के व्यवसाय और ई-रिक्शा संचालन से बहनें आत्मनिर्भर बन रही हैं।
नेतृत्व और छूट: त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में 50% आरक्षण से महिला नेतृत्व मजबूत हुआ है। वहीं, महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% शुल्क छूट से पिछले ढाई वर्षों में 30 हजार से अधिक महिलाओं के नाम रजिस्ट्रियां दर्ज हुई हैं।
औद्योगिक नीति और शांति से खुलेगा समृद्धि का रास्ता
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष छूट और रियायतें दी गई हैं, ताकि वे केवल रोजगार मांगने वाली न रहें बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी बनें।
क्षेत्रीय विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के शौर्य और जनता के सहयोग से बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा अंतिम चरणों में है। जिन इलाकों में पहले भय का माहौल था, वहां अब बुनियादी सुविधाओं, सड़कों और संचार का विस्तार हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति की भूमिका सबसे अहम रहेगी।
















