बिहान योजना से सशक्त हुई संज्योति, गांव-गांव पहुंचा रही हैं बैंकिंग सुविधाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में भी मददगार बन रही हैं। जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक के टांगरगांव की निवासी श्रीमती संज्योति चौहान इसका एक बेहतरीन उदाहरण हैं।
चांदनी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य संज्योति वर्ष 2019 से ग्रामीण बैंक की ‘बैंक सखी’ के रूप में कार्यरत हैं। वे गांव में ही बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ अपनी एक किराना दुकान भी चलाती हैं। संज्योति के माध्यम से हर महीने लगभग 8 से 9 लाख रुपये का वित्तीय लेनदेन होता है, जिससे उन्हें हर माह एक निश्चित आय मिल जाती है।
अपने काम की शुरुआत को याद करते हुए संज्योति बताती हैं कि उन्होंने अपने समूह के जरिए 68 हजार रुपये का लोन लिया था। इस रकम से उन्हें अपना स्वरोजगार स्थापित करने में बड़ी मदद मिली। आज वे गांव के लोगों को डिजिटल पेमेंट, बैंक लेनदेन और बीमा जैसी जरूरी वित्तीय सुविधाएं उनके घर के पास ही दे रही हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे वित्तीय कामों के लिए शहर या बैंक शाखा के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
संज्योति का मानना है कि बिहान योजना से जुड़ने और समूह से वित्तीय सहायता मिलने के कारण ही वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकी हैं। आज वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं, बल्कि समाज में भी सम्मानजनक जीवन बिता रही हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहन देने और स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
















