छत्तीसगढ़

सूरजपुर को मिली मिनी स्टेडियम और स्कूल की सौगात, सीएम साय ने ग्रामीणों के संग लिया छत्तीसगढ़ी स्वाद

सूरजपुर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर (समाधान शिविर) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीधे आम जनता से बातचीत की और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सूरजपुर के विकास के लिए तीन प्रमुख विकास कार्यों की स्वीकृति दी:

रामपुर-रामानुजनगर: खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए एक नए मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।

पटना: क्षेत्र के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एक नया हायर सेकेंडरी स्कूल खोला जाएगा।

सूरजपुर: स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा।

जन-जन तक सरकारी योजनाएं पहुंचाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को सीधे जनता के दरवाजे तक ले जाना है, ताकि लोगों की शिकायतों और जरूरतों का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।

“हमारी सरकार का अंतिम ध्येय समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। जनसुविधाओं और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

सीएम साय ने बताया कि प्रदेश के सभी 33 जिलों की जमीनी हकीकत जानने और समीक्षा करने के लिए उनका यह 11वां जिला दौरा है, और 10 जून तक वे पूरे राज्य का दौरा पूरा कर लेंगे।

किसान, महिला और जनकल्याणकारी योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति साझा की:

धान खरीदी और बोनस: किसानों को 3,716 करोड़ रुपये का बोनस दिया जा चुका है और सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। आगामी बुवाई सीजन के लिए खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

आवास और महिला सशक्तिकरण: राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है।

तेंदूपत्ता संग्राहक: ‘चरण पादुका योजना’ के पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब वनांचल के आदिवासी भाई-बहनों को जंगलों में नंगे पैर नहीं जाना पड़ता, जिससे वे सुरक्षित हुए हैं।

डिजिटल और बिजली राहत: आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं अब ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्रों’ और ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए घर बैठे मिलेंगी। ‘बिजली बिल समाधान शिविर’ की अवधि को 31 जून तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए जल्द ही एक केंद्रीय मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर) की शुरुआत की जाएगी।

जमीन से जुड़ाव: किसान के घर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भोजन

औपचारिक कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीधे स्थानीय किसान रघुनंदन सिंह के घर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरी सादगी के साथ जमीन पर बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।

सरई के पत्तों से बने दोने-पत्तल में परोसे गए कोयलार भाजी, कोचई पत्ते के ईढ़र और आम की चटनी जैसे देहाती व्यंजनों का स्वाद लेकर उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं के प्रति अपनी गहरी आत्मीयता को दर्शाया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button