छत्तीसगढ़ में सुशासन का सख्त संदेश : लापरवाही पर मुख्यमंत्री साय ने लिया कड़ा एक्शन

रायपुर। ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिलों का अचानक दौरा किया। जमीनी हकीकत परखने के लिए आयोजित इन शिविरों में उन्होंने आम जनता से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुना।
चिरमिरी की समीक्षा बैठक में फूटा गुस्सा
विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री ने चिरमिरी में तीनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। ग्रामीण अंचलों में पीने के पानी की किल्लत और सरकारी स्कूलों के कमजोर परीक्षा परिणामों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की।
गड़बड़ी पर तत्काल निलंबन
समीक्षा बैठक के दौरान जैसे ही कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में अनियमितता का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया, उन्होंने त्वरित कार्रवाई की। प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कोरिया के सहायक आयुक्त और सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयक आयुष प्रताप सिंह को तुरंत निलंबित करने के आदेश दे दिए। मुख्यमंत्री के इस अचानक और सख्त तेवर से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
सौम्य स्वभाव और कड़ा प्रशासन: दोतरफा चेहरा
सूरजपुर के रामपुर ग्राम में आयोजित शिविर के दौरान मुख्यमंत्री साय का एक बेहद मानवीय चेहरा देखने को मिला, जहाँ उन्होंने स्वयं तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं पहनाईं, शिशुओं का अन्नप्राशन कराया और उनका नामकरण भी किया। लेकिन दूसरी तरफ, शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर उनका यह एक्शन साफ दर्शाता है कि सुशासन और अनुशासन के मामले में वे किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
कलेक्टरों को दी सख्त चेतावनी: इन ४ मोर्चों पर काम सुधारने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में जिला कप्तानों (कलेक्टरों) को आगाह किया है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी:
पेयजल संकट: प्रभावित इलाकों में टैंकरों के जरिए हर हाल में पानी पहुँचाने की जिम्मेदारी अब सीधे कलेक्टरों की होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए वे खुद जवाबदेह होंगे।
शिक्षा का स्तर: स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था दुरुस्त करने और अगले शैक्षणिक सत्र में परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए अभी से कड़ा एक्शन प्लान बनाने को कहा गया है।
मानसून पूर्व स्वास्थ्य तैयारियाँ: बरसात से पहले सभी जल स्रोतों की साफ-सफाई और क्लोरिनेशन (Chlorination) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौसमी और दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना: गरीबों के मकानों को तय समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हितग्राहियों को परेशान करने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।
चिरमिरी के एसईसीएल तानसेन भवन से इस वर्चुअल समीक्षा बैठक का संचालन किया गया। इसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), जिला वन अधिकारी (DFO) और जिला पंचायत के सीईओ (CEO) मुख्य रूप से शामिल रहे।
















