मुख्यमंत्री ने स्वयं हेलमेट पहनकर दिया सुरक्षित सफर का संदेश, जन-जागरूकता पुस्तिका ‘उन्नयन’ का भी हुआ विमोचन

कोंडागांव। कोंडागांव जिले के बड़ेकनेरा ग्राम पंचायत में आयोजित एक विशेष समाधान शिविर के दौरान सामुदायिक पुलिसिंग, सुरक्षित यातायात और सामाजिक चेतना से जुड़े विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस शिविर में पहुँचकर पुलिस प्रशासन द्वारा जनता की भलाई के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और जागरूकता फैलाने के इन प्रयासों की जमकर सराहना की।
दोपहिया चालकों को जीवन रक्षा का संदेश
सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नागरिकों को यातायात के नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए कार्यक्रम में छह जरूरतमंदों को हेलमेट सौंपे गए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खुद भी हेलमेट पहना और आम जनता को सड़क सुरक्षा का सीधा संदेश दिया। उन्होंने अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हर व्यक्ति को हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि हेलमेट महज एक सरकारी औपचारिकता या उपकरण नहीं है, बल्कि यह अनमोल जीवन को बचाने वाला एक रक्षा कवच है। नियमों का सम्मान करके हम न सिर्फ खुद को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि अपने परिवार को भी चिंताओं से मुक्त करते हैं।
‘उन्नयन’ पुस्तिका से मजबूत होगा पुलिस-जनता का रिश्ता
समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंडागांव पुलिस प्रशासन की विशेष प्रस्तुति ‘उन्नयन’ नामक पुस्तिका का विमोचन किया। यह मार्गदर्शिका आम नागरिकों को सामुदायिक पुलिस व्यवस्था, सामाजिक जागरूकता अभियानों, भटके हुए लोगों के पुनर्वास और पुलिस विभाग की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराने में सेतु का काम करेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे तथा आपसी बातचीत को और बेहतर बनाने के लिए इस तरह के नए प्रयोग बेहद असरदार साबित होते हैं।
खेल सामग्री वितरण: युवाओं को रचनात्मकता से जोड़ने की पहल
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत स्थानीय युवाओं को खेलकूद से जोड़ने और उनकी ऊर्जा को सही रास्ता दिखाने के लिए वॉलीबॉल किट बांटे गए। मुख्यमंत्री ने खेल के महत्व को बताते हुए कहा कि खेलकूद से युवाओं के भीतर अनुशासन, टीम के साथ काम करने की क्षमता, नेतृत्व के गुण और आत्मविश्वास का संचार होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नई पीढ़ी को नशे और अपराध जैसे गलत रास्तों से दूर रखकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों की ओर मोड़ने के लिए पूरी तरह गंभीर है। पुलिस की यह पहल समाज में एक स्वस्थ माहौल तैयार करने और युवाओं के व्यक्तित्व को निखारने में मददगार साबित हो रही है।
इस पूरे आयोजन ने यह साबित किया कि जब सरकार, प्रशासन और आम लोग मिलकर प्रयास करते हैं, तभी एक सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज का सपना सच हो सकता है।
















