उज्जैन को 173 करोड़ की सौगात : डॉ. मोहन यादव बोले— अवंतिका का समृद्ध इतिहास ही इसकी असली पहचान

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन (अवंतिका) के ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्राचीन शहर की व्यावसायिक समृद्धि और वैभव ही युगों से इसकी वास्तविक पहचान रहे हैं। महाकाल महालोक में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार संपूर्ण प्रदेश के संतुलित विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन को 173 करोड़ रुपये की लागत वाली 15 विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें कई कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण शामिल है।
मेट्रो, औद्योगिक गलियारा और क्षेत्रीय विकास
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की कई आगामी बड़ी योजनाओं की जानकारी साझा की:
उज्जैन मेट्रो: जल्द ही उज्जैन शहर को मेट्रो ट्रेन सेवा से जोड़ा जाएगा।
मास्टर प्लान व मेट्रोपॉलिटन सिटी: भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है, जबकि ग्वालियर को एक नई मेट्रोपॉलिटन और टेलीकॉम सिटी के रूप में आकार दिया जा रहा है।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: इंदौर, भोपाल और जबलपुर को जोड़ते हुए एक बड़ा औद्योगिक गलियारा तैयार किया जा रहा है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगा।
ई-बस सेवा और सुगम अंतरराज्यीय परिवहन
प्रदेश में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने आधुनिक परिवहन सुविधाओं की शुरुआत की है। इसके तहत न केवल शहरों के भीतर, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी बसों का संचालन सुचारू किया जा रहा है। उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ‘उज्जैन दर्शन’ हेतु 10 नई पीएम ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
विकास कार्यों का ब्योरा (कुल लागत: ₹173 करोड़)
भूमिपूजन (12 परियोजनाएं – ₹153.31 करोड़):
उज्जैन नगर निगम द्वारा गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग का निर्माण।
महाकाल लोक क्षेत्र में नई पार्किंग व्यवस्था।
महाकाल मंदिर परिसर का विस्तार तथा क्षिप्रा नदी के घाटों का पुनरुद्धार।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग।
चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास, उन्हेल में थाना भवन एवं पर्यटन विभाग द्वारा 45 नगरीय वनों का विकास।
लोकार्पण (3 परियोजनाएं – ₹19.56 करोड़):
नीलगंगा व उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास और थाना परिसर।
बड़नगर में 33/11 केवी क्षमता का नया विद्युत उपकेंद्र।
कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, डॉ. लता वानखेड़े और महापौर मुकेश टटवाल सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए शहर का सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचा तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
















