छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा : अधिकारियों की लापरवाही के कारण मंत्री ने जीवित महिलाओं को बताया ‘मृत’

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान उस समय एक बेहद असहज स्थिति पैदा हो गई, जब महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों द्वारा तैयार की गई एक गलत रिपोर्ट को सदन में पढ़ दिया। इस रिपोर्ट के आधार पर मंत्री ने बयान दिया कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत लाभ ले रहीं 1 लाख 23 हजार 700 महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। इस चौंकाने वाले आंकड़े को सुनते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया और विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले किए।
प्रश्नकाल के दौरान उपजा विवाद
यह पूरा मामला प्रश्नकाल के दौरान सामने आया। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल इस योजना के तहत आने वाली पात्र महिलाओं, ई-केवाईसी (e-KYC) की दिक्कतों के कारण छूटे हुए लाभार्थियों और पेंडिंग आवेदनों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे। इसी चर्चा के दौरान जब आंकड़ों की बात आई, तो मंत्री ने विभाग से मिली जानकारी को साझा किया, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को मृत दर्शाया गया था। इस पर तंज कसते हुए विधायक उमेश पटेल ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि इस तरह के जवाब के बाद अब आगे सवाल पूछने का कोई औचित्य ही नहीं बचता।
योजना के दूसरे चरण पर घेरा, कांग्रेस का वॉकआउट
इसके अलावा, विपक्ष ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि महतारी वंदन योजना का दूसरा चरण कब से शुरू किया जाएगा, क्योंकि मार्च 2024 से इसका आधिकारिक पोर्टल बंद है और नई पात्र महिलाएं आवेदन नहीं कर पा रही हैं।
जब मंत्री इस विषय पर कोई निश्चित तारीख या समय-सीमा बताने में असमर्थ रहीं, तो कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। सरकार के रुख से असंतुष्ट होकर विपक्ष के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और परिसर में नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि जिम्मेदार अधिकारी मंत्रियों को आंकड़े उपलब्ध कराते समय कितनी बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं।
















