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स्वस्थ दिल के लिए ज़रूरी बातें : खानपान और जीवनशैली में बदलाव

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आज के समय में हृदय रोग (दिल की बीमारी) एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है. चिंता की बात यह है कि यह केवल बुज़ुर्गों को ही नहीं, बल्कि युवाओं को भी तेज़ी से अपना शिकार बना रही है. दिल के मरीज़ों के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वे अपनी सेहत और आहार (डाइट) पर ख़ास ध्यान दें, क्योंकि अक्सर गलत जीवनशैली और खानपान की वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है.

दिल के मरीज़ों के लिए ख़तरे

दिल के मरीज़ों में अक्सर उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर), कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, और दिल की धड़कन का अनियमित होना (तेज या धीमा) जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. यदि इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ किया जाए और समय पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हृदय गति रुकना (हार्ट फेल्योर) और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, हृदय रोगों से बचने और स्वस्थ रहने के लिए अपनी जीवनशैली और खानपान में सुधार करना अत्यंत आवश्यक है.

हृदय रोगियों को इन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए

दिल के मरीज़ों को कुछ ख़ास खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए या उनका सेवन सीमित कर देना चाहिए, ताकि उनकी सेहत बेहतर बनी रहे:

  1. मैदा (बारीक आटा)

मैदा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, खासकर हृदय रोगियों के लिए. मैदे का अधिक सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाता है. कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का वसा (फैट) होता है जो रक्त वाहिकाओं में जमा होकर हृदय तक खून पहुंचाने के रास्ते को संकरा कर सकता है. मैदे का ज़्यादा सेवन हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकता है.

  1. नमक (सोडियम)

नमक भोजन के स्वाद को बढ़ाता है, और इसका सीमित मात्रा में सेवन फ़ायदेमंद होता है. हालांकि, अत्यधिक नमक खाने से रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ सकता है, जिससे हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक का ख़तरा भी बढ़ जाता है. इसलिए, दिल के मरीज़ों को नमक का सेवन सावधानीपूर्वक नियंत्रित करना चाहिए.

  1. मीठा (चीनी और शक्कर)

बहुत ज़्यादा मीठा खाने से शरीर इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे मधुमेह (डायबिटीज) का ख़तरा बढ़ जाता है. दिल के मरीज़ों के लिए, अत्यधिक मीठा खाना बहुत नुक़सानदेह हो सकता है, क्योंकि डायबिटीज हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ाती है.

  1. अंडे की ज़र्दी (पीला भाग)

अंडे की ज़र्दी में संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) मौजूद होता है. हालाँकि, इसमें विटामिन ए और बी भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसे अचानक से पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए. लेकिन, हृदय रोगियों को कम मात्रा में ही अंडे का सेवन करना चाहिए. बहुत ज़्यादा अंडे खाने से हृदय संबंधी समस्याओं का ख़तरा बढ़ सकता है.

सलाह: अपनी डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले हमेशा किसी डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह लें.

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