छत्तीसगढ़ सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से 2.5 साल की बच्ची को मिला नया जीवन, AIIMS रायपुर में सफल ऑपरेशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी स्वास्थ्य योजनाएं गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना और ‘चिरायु’ योजना के तालमेल से सारंगढ़-बिलाइगढ़ जिले की एक ढाई वर्षीय मूक-बधिर बच्ची को सुनने की नई जिंदगी मिली है। एम्स (AIIMS) रायपुर में डॉक्टरों ने बच्ची का सफल कोक्लियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) ऑपरेशन किया है, जिससे उसकी खामोश जिंदगी में अब अपनों की आवाज गूंज सकेगी।
आर्थिक तंगी नहीं बनी रुकावट, 6 लाख का इलाज बिल्कुल मुफ्त
सरिया क्षेत्र के ग्राम लुकापारा-2 की रहने वाली यह बच्ची जन्म से ही सुन नहीं सकती थी। बच्ची के पिता खेती-किसानी और मोबाइल रिपेयरिंग कर किसी तरह परिवार चलाते हैं। बेहद सीमित आय होने के कारण लाखों रुपये की इस महंगी सर्जरी का खर्च उठाना उनके बस के बाहर था।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम (बरमकेला) ने ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर के दौरान बच्ची की स्थिति को पहचाना। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स रायपुर रेफर कर दिया। आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 6 लाख रुपये की राशि तुरंत मंजूर की गई, जिससे परिवार को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।
अब आम बच्चों की तरह स्कूल जा सकेगी मासूम
बीते 4 जुलाई 2026 को एम्स रायपुर के विशेषज्ञ सर्जनों ने बच्ची का सफल ऑपरेशन किया। डॉक्टरों का कहना है कि इस कोक्लियर इम्प्लांट के बाद बच्ची में धीरे-धीरे सुनने और सामान्य रूप से बोलने की क्षमता विकसित हो जाएगी। वह भी अन्य बच्चों की तरह स्कूल जाकर अपना भविष्य संवार सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: राज्य सरकार की चिरायु योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद और कटे-फटे होंठ जैसी 44 गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाता है। विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे आंगनबाड़ियों और स्कूलों में आने वाली चिरायु टीमों से अपने बच्चों की नियमित जांच अवश्य करवाएं, ताकि समय रहते गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा सके।
















