छत्तीसगढ़ के 40 होनहार छात्र ‘इंस्पायर मानक’ में सम्मानित, शिक्षा मंत्री ने नई दिल्ली और जापान गए विद्यार्थियों को सराहा

रायपुर। राजधानी के बीटीआई ग्राउंड स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ‘इंस्पायर मानक’ योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित विभिन्न जिलों के 40 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह में उन 5 प्रमुख विद्यार्थियों को भी मंच प्रदान किया गया, जिन्होंने बीते जुलाई माह में भारत सरकार की इस पहल के तहत जापान का अध्ययन दौरा पूरा किया है। जापान यात्रा से लौटे रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने विदेश में अपने सीखने के अनुभवों और नई तकनीकों के बारे में अपने विचार साझा किए।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार पर जोर
शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित यह योजना बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को बाहर लाने का बेहतरीन मंच है। छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार से अधिक मौलिक विचार दर्ज किए जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सौर ऊर्जा, ड्रोन तकनीक और दैनिक जीवन में काम आने वाले व्यावहारिक आविष्कारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को लीक से हटकर सोचने की प्रेरणा दी। साथ ही, उन्होंने बच्चों के इस सफर में अमूल्य योगदान देने वाले शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना की।
पृष्ठभूमि नहीं, मेहनत बनाती है पहचान: सचिव
कार्यक्रम में शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नया निर्माण करना नहीं, बल्कि किसी प्रचलित समस्या को नए और आसान तरीके से हल करना भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण या आदिवासी पृष्ठभूमि के बच्चों को खुद को किसी से कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि सफलता का आधार पारिवारिक या क्षेत्रीय पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि छात्र की सोच और कड़ी मेहनत होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाषाएं (चाहे हिंदी हो, अंग्रेजी या छत्तीसगढ़ी) केवल संवाद का जरिया हैं, असली मूल्य विद्यार्थी के ज्ञान और विषय की समझ का होता है।
क्या है ‘इंस्पायर-मानक’ योजना?
उल्लेखनीय है कि ‘इंस्पायर-मानक अवार्ड’ योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) का एक संयुक्त प्रयास है। इसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स और मॉडल विकसित करने के लिए ₹10,000 की वित्तीय प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
















