सिंधिया राजघराने की ₹40,000 करोड़ की संपत्ति की कानूनी लड़ाई में नया मोड़, 14 अक्टूबर को अदालत सुनाएगी फैसला

ग्वालियर (एजेंसी)। सिंधिया राजवंश की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की विशाल जायदाद को लेकर अदालत में जारी कानूनी विवाद एक बार फिर गरमा गया है। राजपरिवार की सदस्य प्रतिमा देवी ने न्यायालय के समक्ष एक अतिरिक्त याचिका दाखिल कर परिवार में हुए संपत्ति विभाजन के दस्तावेजों पर लगे अपने हस्ताक्षरों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि विभाजन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और आधिकारिक नोटिस उन्हें प्राप्त नहीं हुए और कुछ कागजात भ्रामक पते पर भेजे गए। उनका दावा है कि उनके दस्तखत पूर्ण सहमति के बजाय धोखे से लिए गए थे। उन्होंने इस बाबत अदालत से अतिरिक्त प्रमाण प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे के कानूनी प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका पक्ष है कि दस्तखत पूर्ण रूप से सहमति से हुए थे। परिवार के वकीलों ने तर्क दिया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार ने एक साथ रात्रिभोज किया था और तस्वीरें भी खिंचवाई थीं, जो यह साबित करता है कि प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरी हुई थी।
ग्वालियर के ऐतिहासिक जयविलास पैलेस सहित कई बहुमूल्य संपत्तियों के मूल्यांकन और बंटवारे से जुड़ी इस महत्वपूर्ण याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अब अदालत 14 अक्टूबर को अपना अंतिम फैसला सुनाएगी, जिससे इस बहुचर्चित मुकदमे की भावी कानूनी दिशा तय होगी।
















