यूएन में भारत का पाकिस्तान को कड़ा संदेश : परमाणु गीदड़भभकी से नहीं डरेंगे, आतंकवाद का देंगे मुंहतोड़ जवाब

संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन में भारत के स्थायी मिशन के वरिष्ठ सलाहकार, अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारत परमाणु हथियारों की धमकी के सामने कभी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने दोहराया कि देश के खिलाफ होने वाले किसी भी आतंकवादी दुस्साहस का भारत मुंहतोड़ और कठोर जवाब देगा।
बेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाले और उसकी साजिश रचने वाले तत्वों में भारत कोई अंतर नहीं मानता। पिछले वर्ष पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह कदम पहलगाम में हुए उस बर्बर आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें पाकिस्तान पोषित आतंकियों ने 26 मासूम नागरिकों की जान ले ली थी।
उन्होंने कहा कि भारत द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में उठाया गया एक संतुलित, सटीक और सीमित कदम था, जिसका मकसद तनाव बढ़ाना नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति (न्यूयॉर्क) में पाकिस्तानी प्रतिनिधि ताहिर अंद्राबी के बयानों का खंडन करते हुए भारतीय सलाहकार ने कहा कि परमाणु हथियारों को किसी भी देश की सामान्य विदेश नीति का हथियार नहीं बनाया जा सकता। यदि कोई राष्ट्र सीमा पार से छोटे आतंकी हमलों को अंजाम देने के बाद खुद को बचाने के लिए परमाणु खतरे की आड़ लेता है, तो इससे क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ती है।
अपनी बात समाप्त करते हुए बेदी ने समिति को आश्वस्त किया कि भारत का परमाणु कार्यक्रम किसी विशिष्ट देश को लक्षित करने के लिए नहीं है, बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप पूरी तरह से रक्षात्मक और जिम्मेदार सिद्धांतों पर आधारित है।
















