छत्तीसगढ़ कैबिनेट के अहम फैसले : अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे पद, बदला गया विभाग का नाम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के बाद सरकार की ओर से राज्य में प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं की गईं।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
अग्निवीरों के लिए अवसर: राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को बड़ा तोहफा देते हुए गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (कांस्टेबल) के 36 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है।
विभाग का बदला नाम: प्रशासनिक सुधार के तहत ‘आदिम जाति विभाग’ का नाम बदलकर अब ‘जनजाति कार्य विभाग’ कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री के कार्यकाल और उपलब्धियों पर अभिनंदन प्रस्ताव
बैठक के दौरान मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूरे होने पर एक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र और राज्य के समन्वय से हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शासन और विकास के प्रमुख बिंदु
औद्योगिक व आर्थिक प्रगति: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रशासनिक सुधारों के चलते राज्य को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
कल्याणकारी योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, महतारी वंदन योजना और निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के माध्यम से राज्य के अंतिम छोर तक के नागरिकों को लाभ मिल रहा है।
कृषि एवं धान उपार्जन: राज्य में पंजीकृत किसानों और धान खरीदी का दायरा ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
बस्तर में शांति और सुरक्षा: सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, जिससे बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सरकार का यह कदम राज्य के युवाओं, जनजातीय वर्ग और समग्र बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
















