पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्कूल भवन का भूमि पूजन

रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बिनकरा में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।
शिक्षा के लिए ₹20 लाख की राशि स्वीकृत
बच्चों को उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से, मंत्री श्री अग्रवाल ने तत्काल ही विधायक निधि से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की। उन्होंने अपनी यह पहल मौके पर ही दिखाई।
भूमि दान की सराहनीय पहल
इस शुभ अवसर पर, बिनकरा गांव के श्री पसिंदर राजवाड़े और उनके परिवार ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए लगभग 50 डिसमिल भूमि दान की। उनके इस प्रेरणादायक कार्य ने गांव की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा प्रदान की है।
मंत्री का उद्बोधन: शिक्षा ही समाज की असली शक्ति
अपने संबोधन में, मंत्री श्री अग्रवाल ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज की असली ताकत है। उन्होंने बताया कि बिनकरा के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस नए स्कूल भवन का निर्माण अत्यंत आवश्यक था।
उन्होंने भूमि दान करने वाले परिवार और सहयोग कर रहे गांव के सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। मंत्री ने यह संकल्प दोहराया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर बच्चे को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
गांव के भविष्य के लिए मजबूत आधारशिला
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति और समाज का विकास शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। बिनकरा गांव में बनने जा रहा सरस्वती शिशु मंदिर का यह नया स्कूल भवन न केवल इस गांव के बच्चों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य के लिए एक मजबूत आधारशिला साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां और एक उज्जवल भविष्य लेकर आएगा।
स्थानीय परिवार द्वारा किया गया भूमि दान, सामाजिक एकता और विकास की एक उत्कृष्ट मिसाल है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे, जिससे वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।
मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल और गांव के लोगों के सहयोग से ग्राम पंचायत बिनकरा में निर्मित होने वाला यह स्कूल भवन शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और बच्चों के सपनों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।
















