टॉप न्यूज़

महादेव सट्टेबाजी मामला : ईडी की चौतरफा कार्रवाई, सौरभ चंद्राकर सहित अन्य की 92 करोड़ की संपत्ति जब्त

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को ईडी ने जानकारी दी कि उसने इस घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों की लगभग 92 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं।

अपराध की कमाई को खपाने वाली कंपनियों पर शिकंजा

जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए ‘परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC’ और ‘एक्जिम जनरल ट्रेडिंग- GZCO’ नामक कंपनियों के बैंक खातों में जमा 74.28 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ईडी के मुताबिक, ये कंपनियां सौरभ चंद्राकर, विकास छपारिया और अनिल अग्रवाल की हैं। इन संस्थाओं का इस्तेमाल अवैध सट्टेबाजी से हुई काली कमाई को वैध निवेश के रूप में दिखाने के लिए किया जा रहा था।

इसके अलावा, ईडी ने स्काई एक्सचेंज के संचालक हरि शंकर टिबरेवाल के करीबी गगन गुप्ता की 17.5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की है। इसमें उनके परिवार के नाम पर खरीदी गई महंगी रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल हैं।

ऐसे होता था ठगी का खेल

ईडी की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

सुनियोजित हार: सट्टेबाजी के ऐप्स को इस तरह डिजाइन किया गया था कि ग्राहक अंततः अपना सारा पैसा हार जाएं।

फर्जी खाते: बैंक खाते खोलने के लिए चोरी किए गए या जाली केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का उपयोग किया गया।

हवाला और क्रिप्टो: अवैध कमाई को हवाला, ट्रेड-आधारित मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेशों में भेजा गया।

शेयर बाजार के जरिए ‘कैशबैक’ का खेल

जांच में एक बेहद जटिल नेटवर्क का पता चला है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के माध्यम से यह पैसा वापस भारतीय शेयर बाजार में लगाया गया। ईडी ने एक ऐसी योजना का पर्दाफाश किया जिसमें ये संस्थाएं भारतीय लिस्टेड कंपनियों में भारी निवेश करती थीं और बदले में उन कंपनियों के प्रमोटरों से 30% से 40% रकम नकद वापस ले लेती थीं। आरोपी गगन गुप्ता को इस तरह के संदिग्ध लेनदेन से लगभग 98 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है।

अब तक की बड़ी कार्रवाई

महादेव ऐप घोटाले में ईडी अब तक आक्रामक रही है:

छापेमारी: 175 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली जा चुकी है।

कुल जब्ती: अब तक लगभग 2,600 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज या कुर्क की गई है।

गिरफ्तारियां: मामले में 13 लोग हिरासत में हैं और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हैं। भारत सरकार उन्हें प्रत्यर्पित कर देश वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button