जनगणना 2027 : ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव, अब कलेक्टर की मंजूरी जरूरी

रायपुर। आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ शासन ने इसमें शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस राष्ट्रीय अभियान को बिना किसी देरी के पूरा करने के उद्देश्य से अब ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की छुट्टियों पर अंकुश लगा दिया गया है।
गृह विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब जनगणना कार्य से जुड़ा कोई भी कर्मचारी जिला कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना छुट्टी नहीं ले सकेगा।
प्रमुख दिशा-निर्देश और सख्त नियम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी: कर्मचारी न केवल छुट्टी के लिए अनुमति लेंगे, बल्कि बिना स्वीकृति के अपना कार्यक्षेत्र (मुख्यालय) भी नहीं छोड़ पाएंगे।
पुरानी छुट्टियाँ रद्द: जिन कर्मचारियों की छुट्टियाँ पहले से स्वीकृत हो चुकी थीं, उन्हें भी अब निरस्त माना जाएगा। यदि अवकाश अनिवार्य है, तो जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर से दोबारा लिखित अनुमोदन प्राप्त करना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया: आपातकालीन स्थिति में अवकाश के लिए आवेदन जिला जनगणना शाखा के जरिए प्रस्तुत करना होगा।
प्राथमिकता और अनुशासन
सरकार ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना 2027 से जुड़े कार्यों को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ पर रखा जाए। शासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी कर्मचारी इन आदेशों का उल्लंघन करता है या अनुशासनहीनता बरतता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उद्देश्य: इस सख्ती का मुख्य कारण यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय महत्व की इस गणना प्रक्रिया में मानव संसाधन की कोई कमी न हो और आंकड़ों का संकलन निर्धारित समय सीमा के भीतर सुचारू रूप से पूरा हो सके।
















