प्राकृतिक रंगों से संवर रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर : वंदनी समूह की नई उड़ान

बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की लहर अब महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और सरकारी योजनाओं के तालमेल से प्रदेश की महिलाएं न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी बन रही हैं।
हर्बल गुलाल से महकी सफलता
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम धमनी की ‘वंदनी स्व सहायता समूह’ ने महिला सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इस समूह की 11 कर्मठ महिलाएं इन दिनों हर्बल गुलाल तैयार करने के कार्य में जुटी हुई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से ये महिलाएं पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों जैसे:
ताजे फूल
हल्दी और चंदन
अन्य जैविक (Organic) सामग्री
इनके उपयोग से ऐसा गुलाल बना रही हैं जो त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।
बढ़ती मांग और आर्थिक लाभ
होली के नजदीक आते ही इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए गुलाल की मांग बाजार में तेजी से बढ़ी है। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए लोग अब इन प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्थानीय बाजारों में लगाए गए स्टॉल्स पर बढ़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि शुद्धता और गुणवत्ता के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। इस कार्य से समूह की आय में न केवल वृद्धि हुई है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयां मिली हैं।
घरेलू काम-काज से उद्यमिता तक का सफर
समूह की सदस्यों ने बताया कि एक समय था जब उनकी दुनिया सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित थी। शासन की योजनाओं और सही प्रशिक्षण ने उन्हें उद्यमी बना दिया है। आज वे आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटा रही हैं।
“शासन की नीतियों ने हमें समाज में एक नई पहचान और सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है।” — समूह की महिलाएं
अपनी इस सफलता और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि सरकार के सहयोग ने उनके जीवन के संघर्षों को खुशहाली के रंगों में बदल दिया है।
















