गरियाबंद में तेंदुए का आतंक : दो अलग-अलग हमलों में बच्ची और ग्रामीण घायल

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन्य जीवों की सक्रियता ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गरियाबंद और पाण्डुका वन क्षेत्रों में तेंदुए के हमले की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद से पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
पहली घटना: खेत में सो रही मासूम पर हमला
गरियाबंद वनमंडल के बारुका सर्कल से एक डराने वाली घटना सामने आई है। सोमवार की शाम ग्राम बारूक की रहने वाली संतोषी कमार अपने परिवार के साथ जंगल से सटे खेत में बनी झोपड़ी में सो रही थी।
हमले की वजह: बताया जा रहा है कि तेंदुआ वहां सो रहे एक पालतू कुत्ते का शिकार करने पहुंचा था।
बचाव: जैसे ही तेंदुए ने झपट्टा मारा, बच्ची की नींद खुल गई। अफरा-तफरी के बीच तेंदुए का पंजा बच्ची के सिर पर जा लगा।
स्थिति: गनीमत रही कि चोट गहरी नहीं थी। परिजनों ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
दूसरी घटना: रिहाइशी इलाके में घुसा तेंदुआ
पाण्डुका परिक्षेत्र के ग्राम बारेटहिन कोन्हा में स्थिति और भी गंभीर रही, जहाँ तेंदुआ जंगल छोड़कर सीधे गांव की बस्ती में दाखिल हो गया।
ग्रामीण पर जानलेवा हमला: गांव के अंदर तेंदुए ने एक व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में ग्रामीण को गंभीर चोटें आई हैं।
उपचार: घायल को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की चेतावनी
इन लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलने और खेतों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
















