महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ की महिलाओं के स्वावलंबन और सम्मान का नया अध्याय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को नई ऊंचाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी कर दी है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में बस्तर से आयोजित एक राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खातों में 641 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित (DBT) की।
आर्थिक सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में हितग्राहियों से चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना महज एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान को जगाने का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे महिलाएं इस राशि का उपयोग छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के लिए कर रही हैं, जिससे वे न केवल अपने परिवार की मदद कर रही हैं बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं।
सफलता की प्रेरक कहानियाँ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की महिलाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की, जहाँ कई प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए:
ब्यूटी पार्लर से मिली पहचान: अंबिकापुर की श्रीमती निधि जायसवाल ने बताया कि उन्होंने योजना से मिली राशि को सहेजकर अपना खुद का ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जिससे वे अब आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
होटल व्यवसाय में विस्तार: जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने इन पैसों को अपने छोटे से होटल में निवेश किया। आज वे प्रति माह 10 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। संवाद के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने होटल में ‘चाय-भजिया’ के लिए आमंत्रित भी किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।
बच्चों के भविष्य का निवेश: धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए योजना की राशि को अपनी दोनों बेटियों के बैंक खातों में जमा करना शुरू किया है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
योजना के अब तक के आंकड़े
छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार किया है:
विवरण,आंकड़े
कुल लाभार्थी महिलाएं,लगभग 69 लाख
मासिक सहायता राशि,”1,000 रुपये प्रति महिला”
25वीं किस्त की कुल राशि,641 करोड़ रुपये
अब तक वितरित कुल राशि,”16,237 करोड़ रुपये से अधिक”
यह योजना आज छत्तीसगढ़ की विवाहित महिलाओं के लिए आत्मविश्वास का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है, जो उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
















