सुरों की नन्हीं जादूगर अरुणिमा : ‘आकार 2026’ में भरथरी गायन से जीता सबका दिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की माटी की सुरीली पहचान, 10 वर्षीय अरुणिमा शर्मा ने एक बार फिर अपनी बेमिसाल गायकी और वादन कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिली सराहना की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि इस नन्हीं कला साधिका ने मुक्ताकाशी मंच पर लोक शैली ‘भरथरी’ की ऐसी तान छेड़ी कि हर कोई वाह-वाह कर उठा।
कला शिविर के मंच पर पहली बार लोक रंग
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित ‘आकार 2026’ कला प्रशिक्षण शिविर के भव्य समापन अवसर पर अरुणिमा ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलागुरु प्रांजल सिंह राजपूत से भरथरी कला की बारीकियां सीखने के बाद, अरुणिमा ने पहली बार इस पारंपरिक लोक शैली को मंच पर उतारा। उन्होंने राजा भरथरी के जन्म प्रसंग की ऐसी जीवंत प्रस्तुति दी कि पूरा परिसर करतल ध्वनि से गूंज उठा।
राष्ट्रगान से लोकगाथा तक का सफर
कार्यक्रम की शुरुआत अरुणिमा ने हारमोनियम की थाप पर ‘वंदे मातरम्’ और राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ के गौरवगान से की। इसके तुरंत बाद जब उन्होंने भरथरी की कथा और लोकगीतों का प्रवाह शुरू किया, तो समां बांध दिया। उनकी परिपक्व आवाज और वादन ने दर्शकों को अपनी जगह पर ठहरने के लिए मजबूर कर दिया।
मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं तारीफ
उल्लेखनीय है कि बीते 30 मई को प्रेस क्लब के एक गरिमामयी आयोजन में प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय ने मंच से ही अरुणिमा के हुनर की मुक्तकंठ से सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें विलक्षण प्रतिभा का धनी बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की थी और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें भी साझा की थीं। उस हौसलाअफजाई के ठीक 10 दिन बाद अरुणिमा ने इस नए मंच पर अपनी कला का लोहा मनवाया।
हर विधा में बिखेरा है जलवा
इतनी कम उम्र में लोक संगीत, भजन, गजल, फिल्मी गीतों से लेकर शास्त्रीय संगीत तक पर मजबूत पकड़ रखने वाली अरुणिमा कई बड़े मंचों पर अपनी धाक जमा चुकी हैं। वह ‘बस्तर आइडल’, ‘राजनांदगांव मड़ई’, ‘मोहनम’ और ‘इंडियन आर्ट फेस्टिवल’ जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी अपनी कला की छाप छोड़ चुकी हैं।
गरिमामयी उपस्थिति
इस सांस्कृतिक संध्या और समापन समारोह के साक्षी बनने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, प्रसिद्ध कलाकार मोना सेन, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे और ख्यातिप्राप्त लोकगायक सुनील सोनी सहित कला जगत की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने इस नन्हीं प्रतिभा की पीठ थपथपाई।
















