सिम्स बिलासपुर के जन औषधि केंद्र को मिला राज्य में प्रथम स्थान : स्वास्थ्य सेवाओं में रचा नया कीर्तिमान

बिलासपुर। सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं आम जनता तक पहुँचाने के अपने संकल्प में बिलासपुर के सिम्स (CIMS) अस्पताल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित यहाँ के प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र को वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ का सर्वश्रेष्ठ केंद्र चुना गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
सराहनीय सेवा के लिए मिला सम्मान
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल (IAS) थे। उन्होंने केंद्र की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए पूरी टीम की पीठ थपथपाई। कलेक्टर ने रेखांकित किया कि जन औषधि केंद्र केवल रियायती दरों पर दवाएं ही उपलब्ध नहीं करा रहे, बल्कि चिकित्सा पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को कम कर मध्यम और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता और किफायत का बेहतरीन उदाहरण है।
समारोह की मुख्य झलकियां
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिम्स के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने की। इस अवसर पर चिकित्सा जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं:
विशिष्ट अतिथि: डॉ. बी.एल. गोयल (चेयरमैन, रेडक्रॉस सोसाइटी), डॉ. शुभा गरेवाल (CMHO), और डॉ. लखन सिंह (मेडिकल सुपरिटेंडेंट)।
प्रोत्साहन: उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन प्रदान किया गया।
आभार: कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना ने किया।
क्यों खास है जन औषधि योजना?
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) का मूल उद्देश्य ब्रांडेड दवाओं के महंगे विकल्प के रूप में जेनेरिक दवाएं प्रदान करना है।
विशेषता, लाभ
किफायती दरें,ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50% से 90% तक सस्ती।
गुणवत्ता,सभी दवाएं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप।
सामाजिक प्रभाव,गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना और रोजगार सृजन।
कलेक्टर अग्रवाल ने भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
















