छत्तीसगढ़ में हाथ से मैला ढोने की प्रथा पर पूर्ण रोक : मुख्यमंत्री साय ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य में मानवीय गरिमा के विरुद्ध किसी भी कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित ‘राज्य अनुश्रवण समिति’ की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति किसी से जबरन या दबावपूर्वक ‘मैनुअल स्कैवेंजिंग’ (हाथ से मैला उठाना) करवाता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएं।
प्रमुख दिशा-निर्देश और सुरक्षा मानक
मुख्यमंत्री ने सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
पंजीकृत एजेंसियाँ: अब सीवरेज सफाई का कार्य केवल नगर निगमों या शासन द्वारा अधिकृत पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही किया जा सकेगा।
सुरक्षा सर्वोपरि: सफाई के दौरान आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को रोका जा सके।
हादसे पर संवेदना: हाल ही में एक निजी अस्पताल में टैंक की सफाई के दौरान हुई तीन मजदूरों की मृत्यु पर गहरा दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।
कानूनी प्रावधान और जागरूकता
बैठक के दौरान आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव, श्री सोनमणि बोरा ने अधिनियम के तहत दंड के प्रावधानों की जानकारी दी:
सजा का प्रावधान: हाथ से मैला साफ करवाने वाले दोषियों को एक वर्ष का कारावास या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना (अथवा दोनों) हो सकता है।
जागरूकता अभियान: नगरीय क्षेत्रों में लोगों को इस कुप्रथा के विरुद्ध शिक्षित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
“समाज के हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का संवैधानिक अधिकार है। हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।” – श्री सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव
राज्य की उपलब्धि: ‘मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त’ छत्तीसगढ़
समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। बैठक में यह गौरवपूर्ण जानकारी साझा की गई कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कराए गए पुनर्सर्वेक्षण में प्रदेश के सभी जिलों को ‘मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त’ प्रमाणित किया गया है। इस सफलता के लिए पंचायत, ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की गई।
इस महत्वपूर्ण चर्चा में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव विकासशील, डीजीपी अरुण देव गौतम और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















