छत्तीसगढ़

बस्तर की डॉ. शिबानी : दंत चिकित्सा और उद्यमिता में गढ़ी सफलता की नई इबारत

रायपुर। आज के दौर में महिलाएं अपनी प्रतिभा और कड़े परिश्रम से हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। बस्तर जिले की डॉ. शिबानी रानी सारंगी इसी बदलाव का एक सशक्त चेहरा बनकर उभरी हैं। उन्होंने न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में अपना मुकाम बनाया, बल्कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की मदद से स्वरोजगार की दिशा में भी एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

डॉ. शिबानी ने डेंटल सर्जरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की। समाज सेवा का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहीं डॉ. शिबानी के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद का क्लिनिक शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना था। एक विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद वित्तीय संसाधनों की कमी उनके सपनों की राह में बाधा बन रही थी।

इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जगदलपुर के माध्यम से सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पंजाब नेशनल बैंक की डिमरापाल शाखा में आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 8,56,900 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। महत्वपूर्ण बात यह रही कि शासन की ओर से उन्हें 2,25,500 रुपये की सब्सिडी भी मिली, जिससे क्लिनिक स्थापित करने का वित्तीय बोझ काफी कम हो गया।

इस आर्थिक सहयोग से डॉ. शिबानी ने साल 2024 में जगदलपुर के कोठारी कॉम्प्लेक्स स्थित ‘श्रीराम पोलिक्लिनिक’ में अपने डेंटल सेटअप की शुरुआत की। आज उनका क्लिनिक सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वर्तमान में उनका सालाना टर्नओवर 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। अपनी इस उपलब्धि के साथ उन्होंने दो अन्य महिलाओं को भी काम देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। डॉ. शिबानी की यह कहानी साबित करती है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर कोई भी व्यक्ति स्वावलंबन की उड़ान भर सकता है।

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