छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक विधेयकों की मंजूरी, सीएम साय बोले : प्रदेश की संस्कृति और युवाओं के भविष्य के लिए ‘वरदान’

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में पारित हुए महत्वपूर्ण विधेयकों को राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन ऐतिहासिक निर्णयों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रमुख विधेयक और उनके प्रभाव
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र में पारित किए गए तीनों विधेयक— धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल, और अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026— छत्तीसगढ़ की जनता के हितों की रक्षा करेंगे।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून राज्य की सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक ठोस संकल्प है। उन्होंने बताया कि पुराना कानून अवैध धर्मांतरण को रोकने में पूरी तरह सक्षम नहीं था, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ रहा था। अब इस नए कड़े कानून से धोखे और लालच से होने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगेगी।
स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि: श्री साय ने इस कानून को स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव के ‘घर वापसी’ अभियान और उनके संघर्षों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
युवाओं के लिए पारदर्शी भविष्य का मार्ग
भर्ती परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सरकार ने दो अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल: युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए, चयन प्रक्रिया को सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए इस मंडल का गठन किया गया है।
अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक: परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य धांधलियों को रोकने के लिए इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इससे प्रदेश के मेहनती युवाओं के साथ न्याय होगा।
शुभकामनाएं और उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को आगामी चैत्र नवरात्रि की बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्र सहित प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए कहा कि इन निर्णयों से राज्य के हर वर्ग में सुरक्षा और विश्वास का भाव जगा है।
















