छत्तीसगढ़ में गूँजी शहनाइयाँ : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हज़ारों जोड़े हुए एक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता की एक भव्य तस्वीर सामने आई है। राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में 2300 से अधिक जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की।
सूरजपुर से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश
सूरजपुर जिले में आयोजित मुख्य समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने 100 नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए “आत्मनिर्भर महिला” के महत्व पर जोर दिया।
“जब एक महिला स्वावलंबी होती है, तभी एक सशक्त परिवार और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद परिवार की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो।” — श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
योजना की सफलता के प्रमुख बिंदु:
बड़ी संख्या में विवाह: अकेले 8 मई को पूरे प्रदेश में 2188 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जबकि कुल चरणों को मिलाकर यह संख्या 2393 तक पहुँच गई है।
आर्थिक सहायता: योजना के प्रावधानों के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35,000 रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम होकर अपनी नई गृहस्थी शुरू कर सकें।
सांस्कृतिक संगम: विवाह के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और स्थानीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
बाल विवाह मुक्त समाज का संकल्प
इस भव्य आयोजन के दौरान सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई गई। वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने उपस्थित जनसमूह को ‘बाल विवाह मुक्त सूरजपुर’ बनाने की शपथ दिलाई। वहीं, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने कहा कि सरकार ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एक गरिमामय विदाई
सामूहिक विवाह के इन आयोजनों ने न केवल गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ कम किया है, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान भी दिलाया है। विदाई के समय भावुक परिजनों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा सहारा बताया।
















