अब घर बैठे जमा होगा नगरपालिका का टैक्स, मुख्यमंत्री ने शुरू की नई डिजिटल सेवा

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में अब निवासियों को जल, संपत्ति और दुकान कर भरने के लिए नगरपालिका कार्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में एचडीएफसी बैंक द्वारा संचालित ‘डिजिटल डोर सुविधा’ का उद्घाटन किया।
कैसे काम करेगी यह डिजिटल प्रणाली?
इस पहल के तहत नगरपालिका ने हर घर के लिए एक विशिष्ट क्यूआर कोड जारी किया है, जिसे संबंधित संपत्तियों पर लगाया जा रहा है। इस व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
निजीकृत क्यूआर कोड: प्रत्येक क्यूआर कोड में संपत्ति स्वामी का नाम, मकान नंबर और बकाया टैक्स का सटीक विवरण दर्ज है।
सरल भुगतान प्रक्रिया: नागरिक अपने घर बैठे क्यूआर कोड स्कैन करके आसानी से भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए वे प्रॉपर्टी आईडी, मोबाइल नंबर या डीडीएन नंबर का उपयोग कर सकते हैं।
सुरक्षित विकल्प: भुगतान के लिए यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
डिजिटल रसीद: भुगतान सफल होते ही संबंधित व्यक्ति को तुरंत डिजिटल रसीद मिल जाएगी।
प्रणाली के लाभ और प्रभाव
यह आईसीटी (ICT) आधारित प्रॉपर्टी टैक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी और कुशल है। वर्तमान में इस व्यवस्था के दायरे में जशपुर की लगभग 4,600 संपत्तियां (आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक) आ गई हैं। इस बदलाव से न केवल आम लोगों के समय और मेहनत की बचत होगी, बल्कि नगरपालिका के राजस्व संकलन में भी तेजी आएगी और प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही बढ़ेगी।
इस कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
















