नियद नेल्लानार योजना : बीजापुर के वनांचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का नया उजाला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बदलाव की एक नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के सुदूर ग्राम पालनार में स्थापित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रहा है।
जनवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस केंद्र ने बहुत ही कम समय में दुर्गम वनांचलों की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। अब यहाँ के निवासियों को सामान्य इलाज के लिए कोसों दूर भटकने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते कदम: एक नजर में
पालनार और उसके पड़ोसी गाँवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों के बीच नया भरोसा जगाया है। इस केंद्र के संचालन से अब तक हुए लाभ के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
OPD सेवाएं: कुल 747 मरीजों ने बाह्य रोगी विभाग (OPD) के माध्यम से परामर्श और उपचार प्राप्त किया।
भर्ती सुविधा: आवश्यकता पड़ने पर 16 गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका स्थानीय स्तर पर ही सफल इलाज किया गया।
निःशुल्क दवाएं: केंद्र पर विशेषज्ञों के परामर्श के साथ-साथ जरूरी दवाइयां भी मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षित मातृत्व और शिशु देखभाल पर जोर
संवेदनशील और पहुंचविहीन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देना इस योजना की प्राथमिकता है। पालनार केंद्र ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है:
सुरक्षित प्रसव: केंद्र में अब तक 5 सफल प्रसव कराए जा चुके हैं।
दस्तावेजीकरण: शासन की नीति के तहत नवजातों को तत्काल जन्म प्रमाण पत्र भी जारी किए जा रहे हैं।
टीकाकरण एवं जांच: अब तक 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री माताओं (PNC) का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण पूरा किया गया है।
गंभीर रोगों की पहचान और स्क्रीनिंग (NCD)
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (गैर-संचारी रोग) की समय पर पहचान के लिए केंद्र में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 250 ग्रामीणों की जांच की गई, जिसके परिणाम निम्नानुसार रहे:
बीमारी,चिन्हित मरीज
उच्च रक्तचाप (Hypertension),25
मधुमेह (Diabetes),12
कैंसर स्क्रीनिंग,1 (ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिलने पर तत्काल रेफर किया गया)
प्रशासन पर बढ़ता विश्वास
पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता केवल स्वास्थ्य के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। बुनियादी सुविधाओं के इस विस्तार ने न केवल ग्रामीणों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को भी कम किया है।
















