दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता : 50 लाख रुपये के गुमशुदा मोबाइल बरामद, मालिकों को सौंपे गए

भिलाई। दुर्ग पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर सैकड़ों लोगों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पुलिस की ‘एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट’ (ACCU) ने कड़ी मेहनत के बाद 205 गुमशुदा मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं, जिनकी कुल बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
मोबाइल वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा। इस दौरान न केवल मोबाइल लौटाए गए, बल्कि नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया:
यातायात सुरक्षा: उपस्थित लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सुरक्षा शपथ: दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की शपथ दिलाई गई।
क्षेत्रीय कवरेज: ये मोबाइल दुर्ग, भिलाई के अलावा रायपुर, राजनांदगांव, बालोद और बेमेतरा जैसे क्षेत्रों से बरामद किए गए हैं।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें? (दुर्ग पुलिस की सलाह)
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
थाना रिपोर्ट: सबसे पहले अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
CEIR पोर्टल का उपयोग: भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें।
जरूरी दस्तावेज: पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आपके पास थाना रिपोर्ट की कॉपी, मोबाइल का बिल और आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
सबमिशन: सभी जानकारी भरने और ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद रिक्वेस्ट आईडी संभाल कर रखें।
विशेष नोट: इस पूरी कार्यवाही में निरीक्षक प्रमोद कुमार सरिया और उनकी साइबर टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक करने और उसे खोजने में काफी मदद मिलती है।
















