खेती में नवाचार : मुंगेली के युवा किसान ने खीरे की पैदावार से कमाए लाखों

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में खेती-किसानी के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर अब युवा आधुनिक तकनीकों से समृद्धि की नई राह चुन रहे हैं। पथरिया विकासखंड के ग्राम मदवानी के रहने वाले स्नातक युवा किसान मनीष मिश्रा ने इसे सच कर दिखाया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग से मनीष ने मात्र 1200 वर्ग मीटर के क्षेत्र में खीरे की उन्नत खेती कर 2 लाख रुपये की शानदार आय अर्जित की है।
तकनीक और सरकारी मदद का मेल
मनीष के पास कुल 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है, लेकिन उन्होंने स्मार्ट फार्मिंग पर ध्यान केंद्रित किया। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी बाड़ी में शेडनेट हाउस, ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों को अपनाया। विभाग की ओर से उन्हें 50 हजार रुपये का अनुदान भी मिला, जिससे खेती की शुरुआती लागत काफी कम हो गई।
कम लागत में बेहतर मुनाफा
फसल चक्र और तकनीकी देखभाल का परिणाम यह रहा कि उन्हें प्रति एकड़ लगभग 175 क्विंटल खीरे की उपज प्राप्त हुई। स्थानीय बाजारों में 8 से 12 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री करने पर उन्हें कुल 2 लाख रुपये की प्राप्तियां हुईं। मनीष बताते हैं कि खाद, बीज और मजदूरी जैसे तमाम खर्च (70 हजार रुपये) काटने के बाद उन्हें 1.30 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
मनीष मिश्रा की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण है। उनका कहना है कि यदि युवा पढ़-लिखकर वैज्ञानिक तरीकों और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल बिठाएं, तो खेती एक बेहद लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकती है। उन्होंने अन्य किसानों को भी सलाह दी है कि वे शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर कम जमीन में भी उन्नत तकनीक से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें।
















