छत्तीसगढ़ के वनवासियों को सौगात : तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलेगा आर्थिक संबल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘हरा सोना’ के नाम से प्रसिद्ध तेंदूपत्ता, लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। वर्ष 2026 के सीजन के लिए शासन ने संग्रहण की दरें बढ़ाने के साथ-साथ भुगतान की प्रक्रिया को भी बेहद पारदर्शी बना दिया है।
- मानदेय में भारी बढ़ोतरी और आय का अनुमान
राज्य सरकार ने संग्राहकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया है।
कुल भुगतान: इस वर्ष संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने की उम्मीद है।
संग्रहण लक्ष्य: प्रदेश में इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा संग्रहण का अनुमान लगाया गया है।
जानकारी: एक मानक बोरे में कुल 50,000 पत्ते (1000 गड्डियां × 50 पत्ते) होते हैं।
- बस्तर संभाग और नए क्षेत्रों में विस्तार
इस साल संग्रहण कार्य का दायरा बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को लाभ मिल सके:
नए परिवार: इस कार्य से अब तक 14 हजार से अधिक नए परिवार जुड़ चुके हैं। अकेले बस्तर संभाग में संग्राहकों की संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है।
अबूझमाड़ में नई शुरुआत: नारायणपुर के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ (संग्रहण केंद्र) स्थापित किए गए हैं। सुकमा और केशकाल जैसे क्षेत्रों में भी नए केंद्र खोले गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता: पिछले वर्षों में सुरक्षा कारणों से जिन 351 फड़ों पर काम बंद था, इस साल वहां भी संग्रहण शुरू करने की पूरी तैयारी है।
- पारदर्शी भुगतान और बेहतर व्यवस्थाएं
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के अनुसार, संग्रहण कार्य को व्यवस्थित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:
सीधा भुगतान (DBT): संग्राहकों को उनकी मेहनत का पैसा बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से भेजा जाएगा।
बुनियादी सुविधाएं: संग्रहण केंद्रों पर बारदाना (बोरा), सुतली, गोदाम और परिवहन की पुख्ता व्यवस्था की गई है। साथ ही, संग्रहण के दौरान पत्तों के नुकसान से बचने के लिए बीमा की सुविधा भी दी जा रही है।
तेंदूपत्ता संग्रहण की यह नई नीति न केवल आदिवासियों की प्रति व्यक्ति आय में सुधार करेगी, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। 13 लाख से अधिक परिवारों के लिए ‘हरा सोना’ इस बार समृद्धि के नए द्वार खोलने जा रहा है।
















