CSMCL ओवरटाइम घोटाला : EOW की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में हुए करोड़ों रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में संलिप्तता के आधार पर दो व्यक्तियों, अभिषेक कुमार सिंह और तिजऊ राम निर्मलकर, को हिरासत में लिया है।
प्रमुख गिरफ्तारियां और रिमांड
पकड़े गए दोनों आरोपी ‘ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड’ नामक कंपनी से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। EOW अब इनसे घोटाले की परतों और इसमें शामिल अन्य प्रभावशाली लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
क्या है 115 करोड़ का यह पूरा मामला?
यह घोटाला साल 2019 से 2024 के बीच का है, जब प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भारी-भरकम ‘ओवरटाइम भत्ते’ का बिल बनाया गया।
फर्जी भुगतान: जांच के दौरान पाया गया कि लगभग 115 करोड़ रुपये ओवरटाइम के नाम पर सरकारी खजाने से निकाले गए।
हकीकत: नियम के अनुसार यह पैसा उन कर्मचारियों को मिलना था जिन्होंने अतिरिक्त समय काम किया था, लेकिन यह राशि कभी उन तक पहुंची ही नहीं।
बंदरबांट: आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी बिलों के जरिए यह मोटी रकम निकाली और इसे अधिकारियों व बिचौलियों के बीच बांट दिया गया।
ED की कार्रवाई से हुआ था खुलासा
इस भ्रष्टाचार का सच तब सामने आया जब 29 सितंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी के दौरान तीन लोगों से 28 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इस इनपुट के आधार पर जब राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी गई, तब EOW ने प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
अनवर ढेबर की भूमिका और जांच
इस घोटाले के तार प्रदेश के चर्चित शराब घोटाले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। रायपुर के पूर्व मेयर के भाई और कारोबारी अनवर ढेबर से भी इस मामले में गहन पूछताछ की जा चुकी है। EOW का आरोप है कि अवैध रूप से अर्जित की गई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा ढेबर तक पहुंचा था, जिसके आधार पर उन पर शिकंजा कसा गया है।
















