रायपुर में दुर्लभ वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़ : 50 करोड़ के पैंगोलिन के साथ दो गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में वन विभाग ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद कीमती माने जाने वाले वन्यजीव पैंगोलिन की तस्करी को नाकाम कर दिया है। विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दो तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा है, जिनके पास से लगभग 20 किलो वजन का एक जीवित पैंगोलिन बरामद किया गया है।
खुफिया सूचना पर बिछाया गया जाल
वन विभाग को पिछले एक सप्ताह से इन तस्करों की सक्रियता की जानकारी मिल रही थी। सटीक सूचना मिली कि रायपुर के भाठागांव क्षेत्र स्थित वालफोर्ट सिटी के पीछे झुग्गी-झोपड़ियों में तस्कर छिपे हुए हैं। तस्करों को दबोचने के लिए वन विभाग ने एक विशेष रणनीति बनाई:
नकली ग्राहक: विभाग के एक कर्मचारी को खरीदार बनाकर आरोपियों के पास भेजा गया।
सौदा: तस्करों ने पैंगोलिन की कीमत 50 करोड़ रुपये बताई।
दबिश: जैसे ही तस्करों ने जीव को दिखाया, गुप्त रूप से तैनात टीम ने इशारा मिलते ही मौके पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें खदेड़कर पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पकड़े गए आरोपी दो अलग-अलग राज्यों के हैं, जिससे यह मामला एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े होने का संकेत दे रहा है:
आरोपी का नाम, निवासी
प्यारेलाल गोपचे,”बालाघाट, मध्य प्रदेश”
गोखन हलदार,”भानुप्रतापपुर, कांकेर (छत्तीसगढ़)”
जब्त किए गए पैंगोलिन का वजन 20 किलोग्राम है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पैंगोलिन का शिकार और तस्करी गंभीर अपराध है। फिलहाल वन विभाग दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहा है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
















