प्रकृति और आस्था का संगम : 27 अप्रैल को खुलेंगे रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा के द्वार

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में स्थित प्रसिद्ध मंडीप खोल गुफा एक बार फिर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। छुईखदान ब्लॉक के ग्राम ठाकुरटोला की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच छिपी यह गुफा अपनी धार्मिक महत्ता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। इस वर्ष 27 अप्रैल को इस गुफा के कपाट सर्वसाधारण के लिए खोले जाएंगे।
साल में केवल एक बार दर्शन का अवसर
मंडीप खोल गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे साल में केवल एक दिन (अक्षय तृतीया के विशेष अवसर पर) खोला जाता है। स्थानीय मान्यताओं और भौगोलिक तथ्यों के अनुसार, इसे एशिया की दूसरी सबसे लंबी गुफाओं में गिना जाता है। गुफा तक पहुँचने का मार्ग रोमांच और चुनौतियों से भरा है:
लगभग 10 किलोमीटर का पैदल और पथरीला रास्ता।
घने जंगलों और बहती नदियों को पार करने का साहसिक अनुभव।
गुफा के भीतर स्थित प्राकृतिक शिवलिंग, श्वेत गंगा की अविरल धारा और पवित्र कुंड।
राजपरिवार की परंपरा से होती है शुरुआत
सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए, सबसे पहले ठाकुरटोला राजपरिवार द्वारा गुफा के भीतर पूजा-अर्चना की जाती है। राजपरिवार के अभिषेक और वंदना के पश्चात ही आम जनता को दर्शन की अनुमति दी जाती है। यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक शांति श्रद्धालुओं को हर साल बड़ी संख्या में आकर्षित करती है।
प्रशासन की चौकस व्यवस्था
जिला प्रशासन को इस बार लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं:
विभाग, जिम्मेदारी
पुलिस विभाग,सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण
स्वास्थ्य विभाग,आपातकालीन चिकित्सा शिविर
वन विभाग,वन्यजीव सुरक्षा और मार्ग की निगरानी
पंचायत विभाग,पेयजल और प्रकाश व्यवस्था
अपील: चूंकि यह क्षेत्र घने जंगल के भीतर आता है, इसलिए प्रशासन ने सभी दर्शनार्थियों से सतर्क रहने और जंगली रास्तों पर सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
















