छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के मैदानों में फिर लौटी ‘ब्लैक बक’ की धमक : पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की सराहना

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया ‘मन की बात’ संबोधन में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संरक्षण प्रयासों की जमकर प्रशंसा की है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विशेष रूप से ‘ब्लैक बक’ (काला हिरण) के पुनरुद्धार का उल्लेख किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय बन गया है।

संरक्षण प्रयासों से बढ़ी काले हिरणों की संख्या

पीएम मोदी ने बताया कि एक समय था जब छत्तीसगढ़ में काले हिरणों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था। हालांकि, निरंतर प्रयासों और प्रभावी संरक्षण नीतियों के कारण अब ये सुंदर जीव एक बार फिर प्रदेश के खुले मैदानों में दौड़ते हुए देखे जा सकते हैं। उन्होंने इसे “खोई हुई प्राकृतिक विरासत की वापसी” करार दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से उन्हें धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा:

प्राकृतिक संपदा: काले हिरणों का संरक्षण छत्तीसगढ़ के पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

आर्थिक विकास: बांस की खेती अब आय का एक बड़ा स्रोत बन रही है, क्योंकि इसे अब पेड़ों की श्रेणी से मुक्त कर दिया गया है।

ऊर्जा क्षेत्र: भारत पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 56 गीगावाट की क्षमता हासिल कर चुका है, जो टिकाऊ भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।

आगामी विधानसभा सत्र और राजनीतिक घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने आगामी 30 अप्रैल को होने वाले एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र की जानकारी भी साझा की। इस सत्र में मुख्य रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालातों पर टिप्पणी करते हुए विश्वास जताया कि वहां की जनता बदलाव चाहती है और आगामी चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

ब्लैक बक: रफ्तार और सुंदरता का प्रतीक

‘कृष्ण मृग’ के नाम से पहचाने जाने वाला ब्लैक बक अपनी विशिष्ट खूबियों के लिए जाना जाता है:

गति: यह जीव 80 किमी प्रति घंटे की बिजली जैसी रफ्तार से दौड़ सकता है।

पहचान: नर हिरणों के पास शानदार घुमावदार सींग होते हैं, जबकि मादाओं में ये नहीं पाए जाते।

कानूनी सुरक्षा: इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत सर्वोच्च सुरक्षा प्रदान की गई है।

छत्तीसगढ़ में घर: वर्तमान में, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य इनके संरक्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

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