छत्तीसगढ़

सुशासन शिविर से बदली शिव कुमार की राह : अब पेंशन बनी बुढ़ापे की लाठी

सरगुजा। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन तिहार’ पहल जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। हाल ही में सरगुजा जिले के ग्राम सखौली में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर एक वृद्ध नागरिक, श्री शिव कुमार दुबे के लिए वरदान साबित हुआ। लंबे समय से अपनी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे शिव कुमार को इस शिविर में तत्काल वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रमुख बिंदु: जो इस पहल को खास बनाते हैं

द्वार पर समाधान: ग्रामीणों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

त्वरित कार्यवाही: आवेदन मिलने के तुरंत बाद पात्रता की जांच कर मौके पर ही लाभान्वित किया जा रहा है।

आर्थिक संबल: पेंशन की राशि से बुजुर्गों को अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना होगा।

“अब सम्मान से कटेगा जीवन”

पेंशन का आधिकारिक पत्र मिलते ही शिव कुमार के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया:

“बढ़ती उम्र के साथ खर्चे संभालना बोझ लगने लगा था। इस पेंशन से मुझे न केवल आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि समाज में सम्मान के साथ जीने का भरोसा भी मिला है। गांव में ही शिविर लगाकर हमारी समस्या हल करने के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का आभारी हूँ।”

प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक सुरक्षा

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से शासन की कोशिश है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

विशेष रूप से बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए ये शिविर एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह उभर रहे हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी गहरा हुआ है।

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