‘सुशासन तिहार’ से चमकी किसान की किस्मत, अब साहूकारों के कर्ज से मिली मुक्ति

सरगुजा। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन तिहार-2026’ पहल ग्रामीण इलाकों के लिए वरदान साबित हो रही है। सरगुजा जिले के ग्राम आमादरहा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में एक सुखद तस्वीर सामने आई, जहाँ स्थानीय किसान श्री नान सहोदर तिर्की की बरसों की चिंता दूर हो गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए शिविर के दौरान ही उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सौंप दिया।
त्वरित समाधान: दफ्तरों की भागदौड़ हुई खत्म
श्री तिर्की ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने शिविर में केसीसी के लिए आवेदन किया था। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण उन्हें बिना किसी देरी के मौके पर ही कार्ड मिल गया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“पहले छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार खुद चलकर हमारे गांव आ रही है। सुशासन का असली मतलब यही है कि हमारी समस्याओं का समाधान घर बैठे हो रहा है।”
खेती की नई राह: कम ब्याज, ज्यादा राहत
किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से श्री तिर्की के जीवन में एक बड़ा आर्थिक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि:
साहूकारों से आजादी: अब उन्हें खेती के लिए भारी ब्याज पर निजी साहूकारों से कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
आसान ऋण: केसीसी के माध्यम से उन्हें बेहद कम ब्याज दरों पर बैंक से वित्तीय सहायता मिलेगी।
उन्नत खेती: समय पर पैसा मिलने से वे खाद, बीज और कृषि उपकरणों का बेहतर प्रबंध कर सकेंगे।
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही योजनाएं
सरगुजा जिले में 10 जून तक चलने वाले इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इन शिविरों की खास बात यह है कि यहाँ केवल शिकायतें नहीं सुनी जा रहीं, बल्कि मौके पर ही प्रमाण पत्र और अन्य लाभ वितरित किए जा रहे हैं।
नान सहोदर तिर्की जैसे हजारों किसानों के लिए यह अभियान न केवल उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।
















