सुशासन का संकल्प : सेमरदर्री में जनसमस्याओं का त्वरित निपटारा, सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए ग्रामीण

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘सुशासन तिहार’ के तहत एक भव्य जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मरवाही जनपद के सुदूर ग्राम पंचायत सेमरदर्री में आयोजित इस शिविर में 18 ग्राम पंचायतों के निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी माँगें और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, साथ ही विभिन्न विभागीय स्टालों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी भी ली।
शिविर की मुख्य उपलब्धियाँ और सेवाएँ
कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि समस्याओं का मौके पर ही समाधान खोजना है। शिविर की कुछ प्रमुख सेवाएँ इस प्रकार रहीं:
आवेदन: कुल 616 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण हेतु सौंपा गया।
स्वास्थ्य सुविधा: शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच और दवा वितरण की सुविधा दी गई।
अन्य सेवाएँ: मौके पर ही ई-केवाईसी और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए गए।
जिले भर में कुल 13 ऐसे शिविरों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिनमें से 10 ग्रामीण क्षेत्रों और 3 शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे हैं।
विधायक श्री मरपची का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन शिविरों में कोई भौगोलिक सीमा नहीं है; किसी भी पंचायत का नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी शिविर में अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों और समाज के हर वर्ग तक पहुँच रही सुविधाओं को रेखांकित किया।
हितग्राहियों को मिला लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से लाभ वितरित किए गए:
राजस्व एवं परिवहन: ग्रामीणों को आबादी पट्टा, किसान किताब और ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए गए।
मछली पालन: मछुआरों को जाल और ट्रे जैसी आवश्यक सामग्री बांटी गई।
महिला एवं बाल विकास: विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन और ‘नोनी सुरक्षा योजना’ के लाभ दिए गए।
शिक्षा को प्रोत्साहन: सेमरदर्री स्कूल के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया ताकि अन्य बच्चों में भी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़े।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम देवेन्द्र सिरमौर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की।
















