जशपुर में अनोखा नजारा : मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर बढ़ाया उत्साह

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर जिले के भैंसामुड़ा का हालिया दौरा एक यादगार अनुभव बन गया। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का एक मानवीय और सरल रूप देखने को मिला, जब उन्होंने शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ में बच्चों के साथ क्रिकेट के मैदान में समय बिताया।
जब मुख्यमंत्री बने खिलाड़ी
स्कूल परिसर में बच्चों को क्रिकेट खेलते देख मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए। प्रोटोकॉल और औपचारिकता को दरकिनार करते हुए, वे सीधे मैदान में पहुंच गए और नन्हे खिलाड़ियों के साथ बल्ला थाम लिया। उनके इस अनौपचारिक व्यवहार ने बच्चों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र चहक उठे और पूरे माहौल में खेल की मस्ती छा गई।
बच्चों से किया सीधा संवाद
खेल के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, दिनचर्या और खेल में उनकी रुचि के बारे में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की स्थिति क्या है और बच्चों को किन बुनियादी संसाधनों की कमी महसूस हो रही है। उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी बात की ताकि जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक जरूरतों को समझा जा सके।
विकास के लिए दिए निर्देश
बच्चों की खेल के प्रति लगन और ऊर्जा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर को निर्देशित किया कि शासकीय प्राथमिक शाला के छात्रों को आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर संसाधन मिलना चाहिए ताकि वे अपने कौशल को निखार सकें।
सरपंच के साथ की विकास कार्यों की समीक्षा
अपने इस दौरे में मुख्यमंत्री ने केवल बच्चों के साथ समय नहीं बिताया, बल्कि ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन प्रताप सिंह के साथ मुलाकात कर गांव के विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि गांव के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं और शिक्षा व खेल के लिए संतुलित वातावरण तैयार करना है।
एक प्रेरणादायक संदेश: मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक निरीक्षण से आगे निकलकर जन-जुड़ाव का एक बड़ा उदाहरण बन गया। उनके इस सहज व्यवहार ने न केवल स्कूली बच्चों को भविष्य के लिए प्रेरित किया, बल्कि ग्रामीणों के बीच भी प्रशासन की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया।
















