खुशहाल छत्तीसगढ़ : पक्के मकान और सरकारी योजनाओं ने बदली चैतलाल मरावी के परिवार की तस्वीर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही जन-कल्याणकारी नीतियां आज ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के जीवन को नई दिशा दे रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की इन योजनाओं का सीधा लाभ दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठ रहा है, बल्कि उनके वर्षों पुराने सपने भी सच हो रहे हैं।
कच्चे घरों के संघर्ष से मिली स्थायी सुरक्षा
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सरोधी के निवासी श्री चैतलाल मरावी का अनुभव इस बदलाव का एक सटीक उदाहरण है। चैतलाल बताते हैं कि एक समय ऐसा था जब उनका परिवार कच्चे घर में रहने को मजबूर था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना और कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे होने जैसा अहसास—ये उनके दैनिक संघर्ष का हिस्सा थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में यह बड़ी राहत पहुंचाई है। अब एक पक्के घर के निर्माण से उन्हें और उनके परिवार को न केवल सुरक्षा मिली है, बल्कि जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुकून भी आया है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
आवास योजना के साथ-साथ, चैतलाल मरावी को वन अधिकार पट्टे के जरिए 2 एकड़ भूमि का स्वामित्व प्राप्त हुआ है। इस जमीन पर अब वे धान और अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं। खेती में मिले इस अवसर ने उनकी आय के साधनों को मजबूत किया है, जिससे उनका परिवार अब आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक सक्षम महसूस कर रहा है।
‘महतारी वंदन योजना’ से महिलाओं को आर्थिक संबल
परिवार की समृद्धि में उनकी पत्नी श्रीमती सुखयारिन बाई का योगदान भी महत्वपूर्ण है। वे ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ उठा रही हैं। फरवरी 2024 में आवेदन करने के बाद से उन्हें हर महीने 1000 रुपये की राशि मिल रही है।
श्रीमती सुखयारिन बाई के अनुसार:
शिक्षा और घर: इस राशि का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
महिला सशक्तीकरण: यह योजना न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त भी बना रही है।
चैतलाल मरावी और उनका परिवार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताते हैं कि ये योजनाएं उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। आज ग्राम सरोधी में चैतलाल का परिवार एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है, जो राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
















