छत्तीसगढ़

जनकल्याण की नई मिसाल : ‘सुशासन तिहार’ से गाँव-गाँव तक पहुँच रही सरकारी योजनाएँ

जशपुर। राज्य सरकार की ‘सुशासन तिहार 2026’ पहल के माध्यम से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का संकल्प अब धरातल पर दिखने लगा है। जशपुर जिले के खूंटीटोली में आयोजित विशेष समाधान शिविर ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन जनता के द्वार पर पहुँचता है, तो समस्याओं का अंत निश्चित है।

शिविर की मुख्य उपलब्धियाँ:

सपनों का आशियाना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ। संतोष कुमार सोनी, तुलसी राम चक्रेश, भोला साहू, मीना पैंकरा और विश्वनाथ राम को उनके नवनिर्मित घरों की चाबियाँ सौंपी गईं। इसके साथ ही, दो अन्य हितग्राहियों को नए आवास निर्माण की मंजूरी भी दी गई।

श्रमिकों को मिला सुरक्षा कवच: श्रम विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही तीन महिलाओं के श्रम कार्ड जारी किए। इन कार्डों के माध्यम से अब उन्हें पेंशन, बीमा और बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

त्वरित निराकरण: शिविर का मुख्य आकर्षण आवेदनों का मौके पर ही निपटारा करना रहा, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।

हितग्राहियों ने जताया आभार

योजनाओं का लाभ सीधे अपने गाँव में पाकर ग्रामीण बेहद उत्साहित दिखे। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है।

“सुशासन तिहार का वास्तविक लक्ष्य केवल कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।”

प्रशासन का यह अभियान निरंतर जारी है, जो जमीनी स्तर पर सुशासन की नई इबारत लिख रहा है।

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