ऑपरेशन सिंदूर : मुख्यमंत्री साय ने सैन्य शौर्य और भारत की ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति को सराहा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और वीरता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस सैन्य अभियान को आधुनिक भारत के दृढ़ संकल्प और आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक मोड़ करार दिया।
शौर्य और संकल्प का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से राष्ट्र के नाम अपना संदेश साझा किया। उन्होंने एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले को याद करते हुए कहा कि उस घटना ने पूरे देश को आहत किया था, लेकिन भारतीय सेना ने जिस तत्परता और पराक्रम से जवाब दिया, उसने इतिहास के पन्नों में शौर्य की एक नई गाथा लिख दी।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
निर्णायक शक्ति का प्रतीक: ऑपरेशन सिंदूर महज एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की अटूट इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: यह अभियान दुनिया के लिए संदेश है कि भारत अब किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
रणनीतिक कौशल: भारतीय सैनिकों की सटीक रणनीति और समर्पण ने वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व और ‘जीरो टॉलरेंस’ की सराहना
मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने ‘आतंक के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की नीति को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि देश की सेना अब केवल रक्षात्मक नहीं रही, बल्कि जरूरत पड़ने पर घर में घुसकर प्रहार करने और आतंकियों के संरक्षकों को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।
वीर शहीदों और पर्यटकों को दी श्रद्धांजलि
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने:
पहलगाम हमले के पीड़ितों और जान गंवाने वाले पर्यटकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ऑपरेशन में शामिल उन सभी वीर सपूतों को नमन किया जिनके कारण आज हर भारतीय गर्व महसूस करता है।
सेना की आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली और अत्याधुनिक युद्ध कौशल की सराहना की।
“भारतीय सेना का यह पराक्रम और राष्ट्र के प्रति उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
















