सुशासन तिहार से बदली गंगाराम की किस्मत : अब मछली पालन बना कमाई का मजबूत जरिया

मुंगेली। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार-2026’ के समाधान शिविर केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का माध्यम भी बन रहे हैं। हाल ही में मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अंतर्गत ग्राम छपरवा में आयोजित शिविर में एक ऐसा ही प्रेरक उदाहरण सामने आया है।
वनांचल के मत्स्य पालक को मिला सरकारी संबल
अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य के सुदूर वनांचल ग्राम दानवखार के निवासी गंगाराम खुसरो लंबे समय से मत्स्य पालन के व्यवसाय से जुड़े हैं। जीविकोपार्जन के लिए मछली पालन पर निर्भर होने के बावजूद, उनके पास आधुनिक संसाधनों की भारी कमी थी। पुराने और सीमित संसाधनों के कारण न तो वे ठीक से मछली पकड़ पाते थे और न ही उन्हें सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था थी।
तत्परता से हुआ समाधान
अपनी समस्या लेकर जब गंगाराम छपरवा के समाधान शिविर पहुंचे, तो प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल कदम उठाए। मत्स्य विभाग के माध्यम से उन्हें नया मत्स्य जाल और स्टोरेज टैंक प्रदान किया गया।
साधनों के मिलने से हुए लाभ:
कुशल मछली पकड़ना: नया जाल मिलने से अब कम समय और मेहनत में अधिक मछलियाँ पकड़ी जा सकेंगी।
बेहतर भंडारण: टैंक की सुविधा होने से मछलियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।
आर्थिक स्थिरता: संसाधनों की उपलब्धता से गंगाराम की आय में वृद्धि होगी और उनका परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।
प्रशासन और सरकार का जताया आभार
नई उम्मीदों के साथ गंगाराम खुसरो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि सरकार की यह योजना उन जैसे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के निवासियों के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं अब वास्तव में अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।
















