रायपुर में छात्र शक्ति का प्रदर्शन : मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले NSUI कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को छात्र राजनीति का भारी उबाल देखने को मिला। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा आयोजित ‘छात्र शक्ति-जन परिवर्तन’ रैली के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच घंटों तक झूमा-झटकी और वाद-विवाद चलता रहा।
आंदोलन की मुख्य वजहें और मांगें
NSUI ने इस विशाल प्रदर्शन के माध्यम से सरकार के सामने अपनी 5 प्रमुख मांगें रखीं:
छात्रसंघ चुनाव: प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनावों को तुरंत बहाल करना।
रोजगार: सरकारी पदों पर अटकी हुई भर्तियों को शुरू करना और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना।
शिक्षा में राजनीति: शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के कामकाज में राजनीतिक दखलंदाजी पर पूरी तरह रोक।
नशा मुक्ति: प्रदेश में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार पर कठोर कानूनी कार्रवाई।
कानून व्यवस्था: राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोरदार स्वागत
इस आंदोलन में शामिल होने के लिए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पहली बार रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद शाम को महिला थाना चौक से रैली का आगाज हुआ, जिसमें प्रदेश के कोने-कोने से आए छात्र-छात्राओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
टकराव और गिरफ्तारियां
जैसे ही रैली मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ी, पुलिस ने सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड्स लांघने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कई दिग्गज छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान भी छात्र पीछे नहीं हटे और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे।
“छात्रों के अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और इन्हें बंद कर युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। NSUI सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को जारी रखेगी।”
— नीरज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष (NSUI छत्तीसगढ़)
भविष्य की रणनीति
विनोद जाखड़ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के स्वाभिमान की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रसंघ चुनाव और रोजगार जैसे मुद्दों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। इस कार्यक्रम में राज्य भर के जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
















