छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ से संवर रही वनांचल की सेहत, अब तक 1.5 लाख से अधिक ग्रामीणों की हुई जांच

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन और जिला प्रशासन की सक्रियता से, यह अभियान बस्तर के सुदूर और पहुंचविहीन क्षेत्रों के लिए ‘जीवनदायिनी’ साबित हो रहा है। जिले में अब तक 1,54,157 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है।

प्रमुख उपलब्धियां और राहत के आंकड़े

प्रशासन ने जिले के लिए कुल 2,93,386 लोगों की जांच का लक्ष्य रखा है, जिसमें से आधे से अधिक का कार्य पूरा हो चुका है। जांच के दौरान विभिन्न गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 4,990 मरीजों की पहचान की गई है। इन मरीजों का उपचार स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला चिकित्सालय तक में किया जा रहा है।

चिन्हांकित बीमारियों के मुख्य प्रकार:

मोतियाबिंद और दृष्टि दोष

मलेरिया, टीबी और कुष्ठ रोग

एनीमिया (खून की कमी)

उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं (High-risk Pregnancy)

बच्चों में कुपोषण

बीपी और शुगर जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां

दूरस्थ अंचलों तक पहुंची स्वास्थ्य की डोर

अभियान की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण ‘नियद नेल्लानार’ जैसे दुर्गम क्षेत्रों से आए सकारात्मक परिणाम हैं। कोंटा विकासखंड के अरलमपल्ली, पोलमपल्ली, बगड़ेगुड़ा और पेंटापाड़ जैसे अंदरूनी गांवों से 39 मरीजों को विशेष रूप से जिला अस्पताल लाया गया।

उपचार के मुख्य बिंदु:

नेत्र देखभाल: 16 मरीजों को नजर के चश्मे बांटे गए और 8 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया।

मातृत्व सुरक्षा: गोगुंडा पहाड़ी जैसे कठिन रास्तों वाले क्षेत्रों से 5 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित लाकर उनकी जांच की गई।

विशेष उपचार: कोसागुड़ा के मरीजों को अल्ट्रासाउंड और ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा दी गई, साथ ही हाथ-पैर की सूजन से पीड़ित मरीजों को भी राहत पहुंचाई गई।

प्रशासनिक संवेदनशीलता: इलाज के साथ सम्मान भी

कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मरीजों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उपचार के बाद ग्रामीणों को वापस उनके घर छोड़ने के लिए जिला अस्पताल में विशेष व्यवस्था की गई:

सुबह 6 बजे मरीजों के लिए पौष्टिक नाश्ते का प्रबंध।

गांवों तक सुरक्षित वापसी के लिए 4 एम्बुलेंस की तैनाती।

कलेक्टर का वक्तव्य: > “हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितनी भी दूर क्यों न रहता हो, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे। हम प्राथमिकता के आधार पर गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल लाकर उनका निःशुल्क ऑपरेशन और उपचार करा रहे हैं।”

यह अभियान न केवल बीमारियों का इलाज कर रहा है, बल्कि बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और नई उम्मीद भी जगा रहा है।

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